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लड़कियों में 10 से 15 साल की उमà¥à¤° के बीच माहवारी की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है. हालांकि इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ उमà¥à¤° 9 साल हो सकती है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ कम ही देखा जाता है.
कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आना किस बात पर निरà¥à¤à¤° कर सकता है?
आमतौर पर देखा जाà¤, तो किसी लड़की को पीरियडà¥à¤¸ आने किस उमà¥à¤° में शà¥à¤°à¥‚ होंगे ये उसकी अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकता पर निरà¥à¤à¤° कर सकता है। अगर मां को कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ थे, तो इसकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ बढ़ जाती है कि बेटी को à¤à¥€ कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं। लेकिन, कई बार परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारणों और लड़की के शारीरिक वजन के कारण à¤à¥€ कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ या लेट पीरियडà¥à¤¸ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
10 से 13 की उमà¥à¤° में ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ शà¥à¤°à¥‚ होने चाहिठपीरियडà¥à¤¸?
10 से 13 साल की उमà¥à¤° के बीच लड़कियों में पà¥à¤¯à¥‚बरà¥à¤Ÿà¥€ के विकास का दौर शà¥à¤°à¥‚ होता है। इस दौरान उनके शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिठशरीर में कई तरह के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ अपनी-अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं। जिनके विकास की दर लड़की के शारीरिक और मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। लड़कियों का पहला पीरियड आने के लिठउनके शरीर का सही वजन और शरीर में सही मातà¥à¤°à¤¾ में वसा होना जरूरी होता है, जो पीरियडà¥à¤¸ को बढ़ावा देने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पैदा करने के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते है। इसकी वजह से अधिकतर लड़कियों में पहला पीरियडà¥à¤¸ आने से पहले ही उनका वजह à¤à¥€ थोड़ा बढ़ जाता है।
कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आना कà¥à¤¯à¤¾ खतरे की घंटी हो सकती है?
आज के समय में अधिकतर लड़कियों को उनका पहला पीरियड 8 या 9 की उमà¥à¤° में आने शरू हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आना लड़कियों के साथ-साथ उनके पेरेंटà¥à¤¸ के लिठà¤à¥€ à¤à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में कई शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण à¤à¥€ बन सकती है।
जानिठकम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आने के कारण
अगर किसी लड़की को कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आने शà¥à¤°à¥‚ होते हैं, तो यह आमतौर पर इसलिठहो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसके शरीर में यौवन के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पहले से ही शà¥à¤°à¥‚ हो गया होगा। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, इस बात का कोई पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं की गई है कि लड़कियों में à¤à¤¸à¤¾ किस वजह से हो सकता है। हालांकि, शरीर ने इन हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ जलà¥à¤¦à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होने के पीछे लड़की के शरीर का वजन, आनà¥à¤µà¤‚शिकता और उसकी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² à¤à¥€ काफी हद तक जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकती है। अगर किसी लड़की में 8 साल की उमà¥à¤° से पहले या 9 साल की उमà¥à¤° से पहले बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ का विकास होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, तो यह उसके कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आने के पहले लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कराना जरूरी होता है।
इसके अलावा, à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में पाया गया है कि लड़की की पिटà¥à¤¯à¥‚टरी गà¥à¤°à¤‚थि जलà¥à¤¦à¥€ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाती है, जिसके कारण उसके शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² असंतà¥à¤²à¤¨ और खराब शारीरिक गतिविधियों के कारण पीयर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° अधिक बढ़ता है, जो कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ होने के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हो सकते हैं।
कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आने के कारण होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हो सकती हैं?
कम उमà¥à¤° में पीरियडà¥à¤¸ आने के कारण à¤à¤• लड़की को कई तरह की शारीरिक और मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है, जिसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उसके परिवार के साथ-साथ उसके à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ पर à¤à¥€ पड़ सकता है।
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